na jaane mera यहाँ क्या हो रहा है.... परेशान थकान, और नींद की कमी... ज़िन्दगी की वाट लगी हुई है!!! समझ नही आ रहा है की अब क्या करें.... ऐसा लग रहा है की ज़िन्दगी एक मोड़ पर आकर थम सी गई है... आगे बढ़ने का कोई रास्ता नही दिख रहा और पीछे मुड़ने का विकल्प नही है!!!!!!! बढ़ते जान अहै भले ही शहीद हो जाए...... फरक सिर्फ़ इतना हियो की जब जवान शहीद होता है तोह उससे पता होता है की वोह दुश्मन की एक गोली कम करके मर रहा है... यहाँ तोह वोह तस्सली भी नही है....... ना यह एहसास की ख़ुद में क्या बदल रहा है ना यह विशवास की बाहर कुछ बदल रहे हैं!!!!!!
सफर अकेला नही है... साथी कई है मगर फिर भी एक अकेलेपन का एहसास हो रहा है........घर की घरवालों की कमी आज महसूस हुई है..... पता नही था की जब हम उनसे दूर हो जायेंगे तोह वोह इतना याद आयेंगे!!!! आज मिलने को तरसते हैं मगर मिलने जाना भी नही चाहते..... क्यों नही जाना चाहते... डर है की कहीं वापस आने का मन नही किया तोह... और वापस आना ज़रूरी है...... क्यूंकि अनिषा हार मानने वालों में से नही है.......बस येही एक ख्वाहिश है की काश कोई हाथ थम कर कहने वाला होता ही राह सही है इसीलिए मुश्किलें आ रही है!!!!
विश्वास है की तुम कर लोगी उस्सी तरह जैसे तुमने ज़िन्दगी जी है.... लड़ने के लिए, झगड़ने के लिए ख़याल रखने के लिए, रोते समय कन्धा देने के लिए और बिन बहे आंसू देखकर कर उन्हें चलकेने से पहले पूंछने के लिए मैं हूँ तुम्हारे साथ तुम्हारे पास....... तुम्हारे लिए!!!!!!!!!!
मगर यहाँ तोह सब के ही कश्ती में सवार हैं..... शै नही लगता इनके सामने अपनी कम्जूरिओं को बयान करना.... ज़रूरत है ना अनिषा हो ज़माने में हमेशा ताकतवर रहने की..... मजाल है किस्सी की जो मुझे कम्जूर सिद्ध कर दे....... ना जाने कब से दिल में यह बात बैठ गई है की कमजोरों का शिकार होता है...... सिर्फ़ ताकतवर ही अकेला आपने बल बूते पर जी जाता है............
यहाँ भी वाही हो रहा है...... जीने की कोशिश...... बस शायद अब वक्त आ गया है लड़ने के बजाये आत्मसमर्पण करने की....... अब देखना यह है की यह आत्मसमर्पण होता कैसा है..... ख़ुद को बच्चाने के लिए या ख़ुद को ख़तम करने के लिए!!!!!!!!!!!
आएये हमारे साथ अब एपी भी इंतज़ार करें..... देखें क्या होता है.......
इम्तेहान हम , ज़िन्दगी का देकर,
राह देखें , क्या है नतीजा!!!!!!
Wednesday, July 15, 2009
zindagi khatam... ho rahi hai!!!!!!!!!!!!!!!!
hum kis galki jaa rahe hain.... aappna koi thikaana nahi......
that what my life seems like now.......
i am revisiting my core values my beliefs my conviction and my determination to stick on.... life as a gandhi fellow is not easy at all its hard work... uphill task espically whehnj u are walking backwards......
sorry dudes today i dont feel like talking i feel like killing some one!!!!!!
that what my life seems like now.......
i am revisiting my core values my beliefs my conviction and my determination to stick on.... life as a gandhi fellow is not easy at all its hard work... uphill task espically whehnj u are walking backwards......
sorry dudes today i dont feel like talking i feel like killing some one!!!!!!
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